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बिहार सरकार का शिक्षकों को बड़ा तोहफा: वेतन संरक्षण का लाभ मिलेगा सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों को

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पटना: नीतीश कुमार सरकार ने बिहार के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सक्षमता परीक्षा (प्रथम व द्वितीय) उत्तीर्ण करने वाले स्थानीय निकाय के लगभग 2.45 लाख शिक्षकों को वेतन संरक्षण (Salary Protection) का लाभ दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग की इस पहल से उन शिक्षकों को फायदा मिलेगा, जिनका वेतन “नियोजित शिक्षक” से “विशिष्ट शिक्षक” बनने के बाद घट गया था। अब सरकार ने तय किया है कि ऐसे सभी शिक्षकों को उनकी पूर्व सेवा के अनुरूप वेतन संरक्षा प्रदान की जाएगी ताकि उनकी तनख्वाह में किसी भी प्रकार की कमी न हो।

इसके अलावा, तीसरी, चौथी और पाँचवीं सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को भी यह सुविधा दी जाएगी। इतना ही नहीं, राज्यभर के 28,750 प्रधान शिक्षकों को भी उनके योगदान की तिथि से ही वेतन संरक्षण का लाभ मिलेगा।

सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित शिक्षकों को अक्टूबर 2025 के वेतन के साथ ही बकाया वेतन अंतर का भुगतान किया जाएगा।

यह निर्णय ‘बिहार प्रारंभिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली–2024’ के तहत लिया गया है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार के इस कदम को शिक्षकों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है, जिससे लंबे समय से चली आ रही वेतन असमानता की समस्या का समाधान होगा।

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2 Comments

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  1. vpn_fjOn

    May 14, 2026 at 4:17 pm

    Что такое мультихоп в vpn и нужен ли он обычному пользователю?

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तेज प्रताप यादव को मिली Y+ सुरक्षा, निशिकांत दुबे बोले—‘सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’

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पटना, 9 नवंबर 2025: राजद नेता तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार द्वारा Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है—क्या तेज प्रताप भाजपा के संपर्क में हैं? क्या वे पार्टी बदलने की तैयारी में हैं?

इन्हीं अटकलों के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा का मुद्दा राजनीति से ऊपर होता है और इस पर सियासत नहीं की जानी चाहिए।

“सुरक्षा तभी दी जाती है जब असल खतरा हो”

निशिकांत दुबे ने कहा,

> “केंद्र सरकार तभी सुरक्षा प्रदान करती है जब किसी व्यक्ति की सुरक्षा को असल में खतरा होता है। मुझे लगता है कि तेज प्रताप यादव को सुरक्षा की जरूरत थी, इसलिए Y+ सिक्योरिटी दी गई है।”

 

उन्होंने आगे कहा कि,

> “तेज प्रताप चुनाव जीतेंगे या नहीं, यह भविष्य बताएगा, लेकिन खतरा उनकी ही पार्टी से हो सकता है।”

 

तेजस्वी यादव की सीट पर भी टिप्पणी

निशिकांत दुबे ने दावा किया कि राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव हार रहे हैं।
उनके अनुसार, इससे राजद कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ा है और कुछ तेज प्रताप यादव से नाराज हो सकते हैं, इसी वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ा है।

विपक्ष का आरोप – भाजपा की रणनीति

निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति गरम हो गई है।
विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की रणनीति बताया है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा प्रशासनिक मामला है, राजनीति से इसका कोई संबंध नहीं।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

तेज प्रताप यादव को Y+ सुरक्षा मिलने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।
कुछ लोग इसे भाजपा से नजदीकी का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह सिर्फ सुरक्षा का मामला है।

अब सबकी नजर तेज प्रताप पर

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद तेज प्रताप यादव के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
क्या वे इस पर कोई राजनीतिक बयान देंगे या इसे केवल सुरक्षा मुद्दा मानकर चुप रहेंगे — यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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राजद नेता मृत्युंजय तिवारी का दावा – 14 नवंबर को बिहार में होगा बदलाव, बनेगी महागठबंधन की सरकार

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पटना, 9 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर को बिहार में बदलाव निश्चित है और महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है।

तिवारी ने कहा कि “बिहार की जनता अब ऐसी सरकार को देखना चाहती है, जिसे उन्होंने वोट दिया है। महागठबंधन की सरकार आने के बाद किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा, क्योंकि जनता ने बिहार के नौजवानों के भविष्य को बचाने के लिए मतदान किया है।”

‘14 नवंबर को बंपर जीत तय’

राजद नेता ने आगे कहा कि 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान संपन्न होने के बाद लोकतंत्र का महापर्व पूरा हो जाएगा, और 14 नवंबर को महागठबंधन की बंपर जीत देखने को मिलेगी।
उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सत्र में हिस्सा लेगा, और सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देना होगा।

धर्म और भाईचारे पर बयान

मृत्युंजय तिवारी ने सामाजिक सद्भावना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा,
“सब जानते हैं कि कौन हिंदू है, कौन मुस्लिम, कौन सिख और कौन ईसाई — यही हमारे देश की खूबसूरती है। हम एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान करते हैं, गले मिलते हैं, भाईचारा बढ़ाते हैं, और यही भारत को दुनिया का सबसे अच्छा देश बनाता है।”

चुनावी पृष्ठभूमि

बिहार में रविवार शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा, जिसके बाद 11 नवंबर को दूसरे चरण के लिए मतदान होना है।
पहले चरण में 6 नवंबर को बंपर वोटिंग हुई थी, और अब दूसरे चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य में 14 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद यह तय होगा कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाती है।

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बिहार चुनाव 2025: भागलपुर में महागठबंधन में दरार! राहुल और तेजस्वी आमने-सामने

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भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग से पहले महागठबंधन की एकता खुलकर टूटती दिख रही है। भागलपुर जिले की दो सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी अब एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं।

कभी साझा मंच और गठबंधन की मजबूती का दावा करने वाले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव अब अपने-अपने दलों के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते नजर आ रहे हैं।

कहलगांव सीट पर आरजेडी ने रजनीश यादव को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। यही नहीं, एक अन्य सीट पर राहुल गांधी ललन यादव के लिए प्रचार कर रहे हैं, तो तेजस्वी यादव चंदन सिन्हा को जिताने की अपील कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बन गई है। कोई नहीं जानता कि अब किसके झंडे तले प्रचार किया जाए। दोनों नेता एक ही इलाके में अलग-अलग मंच से रैली कर रहे हैं, जिससे महागठबंधन की एकता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह टकराव न केवल गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि वोट बैंक में भी सीधा असर डाल सकता है।

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