Jharkhand
रांची में बवाल: वेज की जगह नॉनवेज बिरयानी देने पर मचा हंगामा, होटल संचालक की गोली मारकर हत्या
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कांके-पिठोरिया रोड स्थित एक होटल में शनिवार देर रात वेज बिरयानी की जगह नॉनवेज बिरयानी परोसे जाने को लेकर हुए विवाद में होटल संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
🔹 क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक ने होटल में वेज बिरयानी का ऑर्डर दिया था, लेकिन स्टाफ की गलती से उसे नॉनवेज बिरयानी सर्व कर दी गई। इस बात पर ग्राहक भड़क उठा और होटल मालिक विजय कुमार नाग (47) से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने पिस्तौल निकालकर संचालक के सीने में गोली दाग दी।
🔹 मौके पर ही मौत
गोली लगने के बाद विजय नाग गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
🔹 इलाके में तनाव, सड़क जाम
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने कांके-पिठोरिया रोड को जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
🔹 पुलिस की कार्रवाई
रांची पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान कर ली गई है। पुलिस टीम ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
🔹 पुरानी रंजिश की आशंका
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह विवाद केवल बिरयानी को लेकर हुआ या इसके पीछे कोई पुरानी दुश्मनी छिपी है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की तफ्तीश जारी है।
Bihar
शादी समारोह से अगवा युवक 24 घंटे में बरामद, बिहार के 4 अपहरणकर्ता गिरफ्तार—एसएसपी की त्वरित कार्रवाई से हाई-प्रोफाइल केस सुलझा
रांची जिले में एक हाई-प्रोफाइल अपहरण मामला महज 24 घंटे में सुलझा लिया गया। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बचा लिया और चार अपहरणकर्ताओं को बिहार के गया जिले के डोभी से गिरफ्तार कर लिया।
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शादी समारोह से युवक का अपहरण
23 नवंबर की देर रात दलादली ओपी क्षेत्र स्थित द पैलेस बैंक्वेट हॉल में अपनी बहन की शादी में शामिल हुए सुमित सोनी को चार अपराधियों ने अगवा कर लिया।
24 नवंबर को पीड़ित के पिता शिवशंकर प्रसाद (निवासी — आरा, बिहार) ने नगर थाना में पहुंचकर मामले की सूचना दी। उन्होंने बताया कि रात करीब 2 बजे बेटे सुमित ने फोन कर बताया कि चार अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया है और फिरौती मांगी जा रही है।
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20 लाख रुपये की फिरौती की मांग
अपराधियों ने युवक की रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की मांग की थी। धमकी दी गई थी कि रकम न देने पर सुमित को मारकर फेंक दिया जाएगा।
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एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया।
ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनी जिसने—
तकनीकी विश्लेषण
लोकेशन ट्रैकिंग
गोपनीय सूचना
के आधार पर सटीक कार्रवाई की।
टीम ने बिहार के डोभी (गया) में छापेमारी कर युवक सुमित सोनी को सकुशल बरामद किया और चारों अपराधियों को पकड़ा।
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गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:
नारायण कुमार
सोनू कुमार विश्वकर्मा
सुमित कुमार
हर्ष कुमार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि—
सभी अपराधी आरा, बिहार से सफेद वाहन में रांची पहुंचे थे
अपहरण पूरी तरह फिरौती के लिए रचा गया प्लान था
आरोपियों ने सुमित को पहले कुछ पैसे कर्ज के रूप में दिए थे और उसी रकम की वसूली के लिए अपहरण किया
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पुलिस ने बताया— यह था एक सोचा-समझा षडयंत्र
जांच में पता चला कि कर्ज को लेकर विवाद के चलते चारों अपराधियों ने सुमित को अगवा करने की योजना बनाई थी। पुलिस सभी आरोपियों को रांची ले आई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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चौंकाने वाली इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपहृत युवक की जान बचाई और आरोपियों को पकड़ा। मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा।
Jharkhand
निशिकांत दुबे केस में झारखंड हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार पर लगाया जुर्माना — अगली सुनवाई तक मिली राहत
झारखंड हाई कोर्ट ने सांसद निशिकांत दुबे से जुड़े मामले में राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने राज्य सरकार को अगली तारीख से पहले अनिवार्य रूप से जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।
जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने एक बार फिर जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की।
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निशिकांत दुबे की याचिका पर सुनवाई जारी, मिली अंतरिम राहत
देवघर के मोहनपुर थाना में दर्ज कांड संख्या 281/2024 को निरस्त करने की मांग को लेकर निशिकांत दुबे द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
अदालत ने पिछले आदेश को आगे बढ़ाते हुए यह स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक सांसद दुबे के खिलाफ कोई भी coercive (पीड़क) कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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क्या है मामला?
सांसद निशिकांत दुबे ने मवेशी तस्करी के संदेह में एक युवक को पकड़कर पुलिस को सौंपा था।
युवक का दावा था कि वह केवल बैल खरीदकर घर ले जा रहा था, लेकिन सांसद ने गलत तरीके से उन पर तस्करी का आरोप लगाया।
इस घटना के आधार पर मोहनपुर थाना में मामला दर्ज किया गया।
इसी प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए सांसद दुबे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
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अदालत की सख्ती और अगली सुनवाई तक राहत मिलने के बाद यह मामला अब और भी राजनीतिक और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।
Jharkhand
निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे और परिजनों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज, ACB ने आठ लोगों को बनाया आरोपी
रांची: झारखंड की जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का नया मामला दर्ज किया है। इस एफआईआर में चौबे के साथ सात परिजनों और सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है।
एसीबी ने चौबे की गिरफ्तारी के बाद मई माह में प्रारंभिक जांच शुरू की थी। करीब छह महीनों तक चली इस जांच के बाद नए साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को पीसी एक्ट (Prevention of Corruption Act) और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत नामजद किया गया है।
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कौन-कौन हैं आरोपी?
एसीबी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में विनय कुमार चौबे के साथ जिन सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं—
स्वपना संचिता — विनय चौबे की पत्नी
सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी — ससुर
शिपिज त्रिवेदी — साला
प्रियंका त्रिवेदी — साले की पत्नी
विनय कुमार सिंह — नेक्सजेन के संचालक और चौबे के करीबी सहयोगी
स्निग्धा सिंह — विनय कुमार सिंह की पत्नी
एसीबी का दावा है कि जांच के दौरान इन सभी के खिलाफ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त प्रमाण मिले।
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जांच में क्या सामने आया?
सूत्रों के मुताबिक—
चौबे और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई।
कई संपत्तियाँ परिजनों और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई थीं।
जांच में कई अप्राकृतिक संपत्ति वृद्धि के प्रमाण मिले हैं।
एसीबी आगे इन संपत्तियों और लेन-देन की विस्तृत जांच करेगा। मामले से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
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