Bihar
पहले चरण के नामांकन वापसी की डेडलाइन नजदीक, महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर घमासान जारी
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन वापसी की अंतिम तारीख से महज एक दिन पहले भी महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर असमंजस बरकरार है।
आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच अब भी कई सीटों पर तालमेल नहीं बन पाया है। हैरानी की बात यह है कि कुछ सीटों पर महागठबंधन के दो-दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिए हैं, जिससे अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, अब भी 11 सीटों पर सहमति नहीं बन पाई है, जबकि गठबंधन के भीतर कई सीटों पर सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। इनमें सुल्तानगंज और कहलगांव जैसी अहम सीटें शामिल हैं।
पहले चरण में महागठबंधन के कुल 251 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें आरजेडी के 143, कांग्रेस के 60, सीपीआई-एमएल के 20, सीपीआई के 9, सीपीएम के 4 और वीआईपी पार्टी के 15 उम्मीदवार शामिल हैं।
हालांकि कई सीटों पर सहयोगी दलों के बीच सीधी भिड़ंत देखने को मिल रही है।
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आरजेडी और कांग्रेस के बीच सिकंदरा, कहलगांव, सुल्तानगंज, लालगंज और नरकटियागंज सीटों पर टकराव है।
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वीआईपी और आरजेडी के बीच चैनपुर और बाबूबरही सीट को लेकर मतभेद हैं।
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वहीं कांग्रेस और सीपीआई बछवाड़ा, करगहर, बिहारशरीफ और राजापाकर सीटों पर आमने-सामने हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीट बंटवारे को लेकर जारी यह खींचतान चुनाव प्रचार पर असर डाल सकती है।
उधर, एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे।
वे दिन में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे — पहली सभा मीनापुर हाई स्कूल मैदान में जदयू प्रत्याशी अजय कुशवाहा के समर्थन में होगी, जबकि दूसरी सभा दोपहर करीब ढाई बजे कांटी हाई स्कूल मैदान में जदयू उम्मीदवार अजीत कुमार के पक्ष में आयोजित की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि जहां महागठबंधन अभी सीट बंटवारे के जाल में फंसा हुआ है, वहीं एनडीए ने जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति को तेज़ कर दिया है।