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दिल्ली-एनसीआर फिर गैस चैंबर में, हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँची

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2025 राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। गुरुवार सुबह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में आता है।

कई इलाकों में स्थिति चिंताजनक

दिल्ली के आनंद विहार, द्वारका, रोहिणी और नरेला जैसे इलाकों में AQI 420–435 के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं नोएडा और गुरुग्राम में भी हवा की स्थिति बेहद खराब रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की गति कम होने और तापमान गिरने के कारण प्रदूषक कण नीचे जमा हो रहे हैं।

GRAP-III लागू, निर्माण कार्यों पर रोक

प्रदूषण नियंत्रण को देखते हुए सरकार ने GRAP-III (Graded Response Action Plan) का तीसरा चरण लागू कर दिया है।
इसके तहत—

निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कामों पर रोक

डीज़ल जनरेटर बंद करने के आदेश

स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी
लगाई गई है।

दिल्ली सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो “Odd-Even योजना” दोबारा लागू की जा सकती है।

पराली जलाना बना मुख्य कारण

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। SAFAR इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कुल प्रदूषण में पराली का योगदान 35% तक पहुँच गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

> “लंबे समय तक इस स्तर के प्रदूषण के संपर्क में रहना फेफड़ों और हृदय के लिए खतरनाक हो सकता है,”
— डॉ. नीना अरोड़ा, पल्मोनोलॉजिस्ट, एम्स

 

 

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