Jharkhand

निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे और परिजनों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज, ACB ने आठ लोगों को बनाया आरोपी

Published

on

रांची: झारखंड की जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का नया मामला दर्ज किया है। इस एफआईआर में चौबे के साथ सात परिजनों और सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है।

एसीबी ने चौबे की गिरफ्तारी के बाद मई माह में प्रारंभिक जांच शुरू की थी। करीब छह महीनों तक चली इस जांच के बाद नए साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को पीसी एक्ट (Prevention of Corruption Act) और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत नामजद किया गया है।

कौन-कौन हैं आरोपी?

एसीबी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में विनय कुमार चौबे के साथ जिन सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं—

स्वपना संचिता — विनय चौबे की पत्नी

सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी — ससुर

शिपिज त्रिवेदी — साला

प्रियंका त्रिवेदी — साले की पत्नी

विनय कुमार सिंह — नेक्सजेन के संचालक और चौबे के करीबी सहयोगी

स्निग्धा सिंह — विनय कुमार सिंह की पत्नी

एसीबी का दावा है कि जांच के दौरान इन सभी के खिलाफ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त प्रमाण मिले।

जांच में क्या सामने आया?

सूत्रों के मुताबिक—

चौबे और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई।

कई संपत्तियाँ परिजनों और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई थीं।

जांच में कई अप्राकृतिक संपत्ति वृद्धि के प्रमाण मिले हैं।

एसीबी आगे इन संपत्तियों और लेन-देन की विस्तृत जांच करेगा। मामले से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।

Trending

Exit mobile version