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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: तीन हफ्ते में नगर निकाय चुनाव की तारीख तय करे सरकार

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रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर नगर निकाय चुनाव की तारीखों की सिफारिश राज्य निर्वाचन आयोग को करे। अदालत ने कहा कि अब चुनाव में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह आदेश नगर निकाय चुनावों में देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। राज्य सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया जारी है, जिसके बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता।

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अदालत से तीन महीने का समय मांगा था, मगर कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया। अदालत ने इस मामले में मुख्य सचिव और नगर विकास सचिव सहित कई शीर्ष अधिकारियों पर अवमानना की चेतावनी भी दी है।

हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर तय की है। उस दिन सरकार और निर्वाचन आयोग को यह बताना होगा कि सिफारिश भेजने के बाद वे कब तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि झारखंड के कई नगर निकायों का कार्यकाल अप्रैल 2023 में समाप्त हो चुका है और कई जगहों पर चुनाव साल 2020 से लंबित हैं। इस देरी से स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधित्व और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य बातें:

हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में चुनाव तिथि तय करने का आदेश दिया।

“ट्रिपल टेस्ट” का हवाला देने पर सरकार को मिली फटकार।

तीन महीने का समय मांगने पर निर्वाचन आयोग को भी नहीं मिली राहत।

अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।

झारखंड हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकार पर अब जल्द से जल्द नगर निकाय चुनाव कराने का दबाव बढ़ गया है।

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