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बिहार चुनाव 2025: लालू यादव की पार्टी में बवाल, पूर्व विधायक सीताराम यादव समेत तीन नेता 6 साल के लिए निष्कासित

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सलाह पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी ने पूर्व विधायक सीताराम यादव, उनके पुत्र राकेश रंजन उर्फ विमल यादव और बड़े पुत्र राजेश कुमार यादव को छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।

आरजेडी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण की गई है। आदेश के मुताबिक, सीताराम यादव को 2015 में खजौली विधानसभा सीट से राजद का उम्मीदवार बनाया गया था, जिसमें वे विजयी रहे और 2015 से 2020 तक विधायक रहे।

आरजेडी ने दी जानकारी

2020 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें उसी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे हार गए। 2025 के चुनाव में जब राजद ने खजौली सीट से ब्रजकिशोर यादव को उम्मीदवार बनाया, तो सीताराम यादव इससे नाराज हो गए। नाराज होकर उन्होंने अपने पुत्र राकेश रंजन उर्फ विमल यादव को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया और बड़े पुत्र राजेश कुमार यादव के साथ मिलकर राजद प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार शुरू कर दिया।

पार्टी ने कहा कि तीनों ने न सिर्फ पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया बल्कि कई बार असंसदीय भाषा का भी इस्तेमाल किया।

पार्टी का बयान

राजद ने कहा कि उन्हें बार-बार समझाया गया कि वे अपने पुत्र की उम्मीदवारी वापस लें और पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पार्टी ने इसे संगठन के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता और राजद को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि संगठन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए तीनों नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है।

> इस कार्रवाई को चुनावी मौसम में आरजेडी के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

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