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हिसार से सुप्रीम कोर्ट तक: जस्टिस सूर्यकांत बनेंगे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश, जानिए उनके सफर की प्रेरक कहानी
नई दिल्ली: हरियाणा के हिसार के एक छोटे से कस्बे से निकलकर देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी तक पहुंचने वाले जस्टिस सूर्यकांत अब भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने जा रहे हैं।
उनका सफर मेहनत, ईमानदारी और न्याय के प्रति समर्पण की मिसाल है।
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
वे मौजूदा CJI जस्टिस बी.आर. गवई के रिटायर होने के बाद यह जिम्मेदारी संभालेंगे और फरवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
शिक्षा से मिली मजबूत नींव
जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में हुआ।
उन्होंने 1981 में गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, हिसार से स्नातक और 1984 में महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
निरंतर सीखने की प्रवृत्ति के चलते उन्होंने 2011 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमएलएल (मास्टर ऑफ लेबर लॉज़) में फर्स्ट क्लास फर्स्ट रैंक प्राप्त की।
संविधान और न्याय के गहरे जानकार
जस्टिस सूर्यकांत ने 1984 में हिसार जिला अदालत से वकालत की शुरुआत की।
एक साल बाद वे चंडीगढ़ स्थानांतरित हुए और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
उन्होंने संवैधानिक, सिविल और सर्विस मामलों में विशेषज्ञता हासिल की और कई विश्वविद्यालयों, बोर्डों और बैंकों के लिए कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य किया।
उनकी कानूनी दक्षता और ईमानदारी के कारण उन्हें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया।
इसके बाद 2004 में उन्हें न्यायाधीश बनाया गया और आगे चलकर वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
सुप्रीम कोर्ट में संवेदनशील और निष्पक्ष निर्णयों के लिए प्रसिद्ध
जस्टिस सूर्यकांत अपने संवेदनशील फैसलों और संतुलित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय दिए हैं जो आम नागरिकों, किसानों, श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा से जुड़े रहे हैं।
उनके फैसलों में हमेशा संविधान की भावना और सामाजिक न्याय का संतुलन दिखाई देता है।
नए दौर की न्यायपालिका का चेहरा
24 नवंबर 2025 को जब जस्टिस सूर्यकांत देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे, तो यह न केवल न्यायपालिका के लिए, बल्कि हर छोटे शहर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा का क्षण होगा।
उनकी नियुक्ति यह संदेश देती है कि मेहनत और ईमानदारी से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।
जस्टिस सूर्यकांत का सफर
चरण विवरण
जन्म 10 फरवरी 1962, हिसार (हरियाणा)
शिक्षा एलएलबी – एमडीयू रोहतक, एमएलएल – कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (फर्स्ट क्लास फर्स्ट)
करियर की शुरुआत 1984 में हिसार से वकालत
प्रमुख पद एडवोकेट जनरल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
न्यायिक करियर 2004 में जज नियुक्त, बाद में हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट जज कई संवेदनशील फैसलों के लिए प्रसिद्ध
मुख्य न्यायाधीश (CJI) 24 नवंबर 2025 से फरवरी 2027 तक कार्यकाल