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AIMIM का बड़ा सियासी दांव! ओवैसी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, वोटरों से की खास अपील

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नई दिल्ली। आगामी चुनावों से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पहली बार कांग्रेस को खुला समर्थन देने का संकेत देते हुए वोटर्स से “सेक्युलर वोटों के बिखराव से बचने” की अपील की है।
यह बयान AIMIM की अब तक की राजनीतिक लाइन से बिल्कुल अलग माना जा रहा है, क्योंकि ओवैसी की पार्टी अक्सर कांग्रेस पर “मुस्लिम वोट बैंक की अनदेखी” का आरोप लगाती रही है।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में हुई पार्टी बैठक में AIMIM नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि “सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होना जरूरी है।”
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ चुनिंदा सीटों पर AIMIM अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार भी करेगी।

राजनीतिक जानकार इसे ओवैसी की रणनीति में बड़ा बदलाव मान रहे हैं। पहले जहां AIMIM को विपक्षी वोटों के विभाजन का जिम्मेदार ठहराया जाता था, अब पार्टी खुद को “एकजुट विपक्ष” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस खेमे में भी इस बयान से हलचल है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मानते हैं कि AIMIM का यह कदम कुछ खास इलाकों में मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष में कर सकता है।
हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि AIMIM अपने रुख पर कायम रहती है, तो यह कदम आगामी चुनावों में विपक्षी गठजोड़ की राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

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