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औरंगाबाद की रैली में बोले पीएम मोदी – बिहार की जनता अब जंगलराज नहीं चाहती, पहले चरण का मतदान ही तय कर गया एनडीए की जीत

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बिहार विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को औरंगाबाद में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए औरंगाबाद हमेशा एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। पिछले चुनाव में यहां की छह विधानसभा सीटों पर एनडीए को हार मिली थी, मगर इस बार पहले चरण के रिकॉर्ड तोड़ मतदान ने एनडीए की वापसी तय कर दी है।

पीएम मोदी ने कहा, “पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदान हुआ। यह बताता है कि बिहार की जनता, विशेष रूप से महिलाएं, युवा और किसान, एनडीए सरकार की वापसी के लिए खुद मोर्चा संभाल चुके हैं। बिहार अब किसी भी कीमत पर जंगलराज की वापसी नहीं चाहता।”

सभा में पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने कहा कि “लालटेन वाले केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन की नींव रखी है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण, अनुच्छेद 370 का हटना, और वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू होना—ये सब एनडीए के वादों की सच्चाई साबित करते हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने फौजियों से वादा करके धोखा दिया, लेकिन हमने उसे निभाया। आज फौजी परिवारों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि OROP के तहत दी गई है।”

राजद और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने “नौकरी के बदले जमीन” ली और बिहार को अंधकार युग में धकेल दिया। उन्होंने कहा, “ये जंगलराज वाले आज जमानत पर चल रहे हैं। ये बच्चों को रंगदार बना रहे हैं और कहते हैं कि भैया की सरकार आएगी तो कट्टा खुलेआम मिलेगा। बिहार को अब कट्टा सरकार नहीं, सुशासन सरकार चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि “जो लोग संविधान दिखाने निकलते हैं, उन्होंने कभी सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए नहीं सोचा। लेकिन मोदी ने 10 प्रतिशत आरक्षण देकर यह ऐतिहासिक काम किया।”

छठ महापर्व का अपमान करने वालों पर भी पीएम मोदी ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के नामदार छठ को नौटंकी और ड्रामा कहते हैं। यह बिहार के आस्था और तपस्या का अपमान है। इस चुनाव में जनता को उन्हें सजा देनी होगी।”

सभा के अंत में प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की — “11 नवंबर को मतदान के दिन एनडीए को एक-एक वोट देकर जंगलराज को हमेशा के लिए समाप्त कर दीजिए। 14 नवंबर के बाद हम सब विजय उत्सव मनाएंगे।”

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