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घाटशिला उपचुनाव में गरमाई सियासत, JMM-BJP में जुबानी जंग तेज
रांची/घाटशिला। झारखंड में घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। 21 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, और कुल 17 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। आज नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर तय की गई है।
नामांकन के अंतिम दिन 10 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। अब जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे JMM और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है।
JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि पार्टी ने पूरी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा,
“घाटशिला में सभी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहना है। हर गांव में संपर्क अभियान चलाया जाएगा। पार्टी के स्टार प्रचारक — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन — भी क्षेत्र का दौरा करेंगे। झामुमो बहुत आसानी से विरोधियों को परास्त करेगा।”
वहीं, झारखंड बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने झामुमो पर पलटवार करते हुए कहा कि घाटशिला की जनता अब “झूठे वादों” में नहीं आने वाली। उन्होंने कहा,
“घाटशिला की जनता में झामुमो के प्रति आक्रोश साफ दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांव-गांव में विकास पहुंचा रहे हैं, जबकि झारखंड सरकार सिर्फ अहंकार की भाषा बोल रही है। जिस तरह लालू यादव ने सीएम का अहंकार तोड़ा, अब घाटशिला की जनता भी उन्हें सबक सिखाएगी।”
घाटशिला उपचुनाव को लेकर दोनों ही दलों ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव न सिर्फ क्षेत्र की सियासत बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय कर सकता है।